एक डबल‑ब्लाइंड ट्रायल में 40‑64 वर्ष के 50 मोटापे वाले रोगियों को चार हफ्तों तक 1,000 mg उरोलिथिन A दिया गया। मुख्य परिणाम—ब्रेसियल धमनियों का फ्लो‑मेडिएटेड डाइलेशन (FMD)—में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं दिखा, जबकि परिधीय माइक्रोवैस्कुलर मान भी अपरिवर्तित रहे। लेकिन कार्य‑उत्पन्न सिरेब्रोवास्कुलर हेमोडायनामिक प्रतिक्रिया में प्लासेबो की तुलना में उरोलिथिन A समूह में महत्वपूर्ण वृद्धि मिली। यह द्वितीयक परिणाम छोटा अध्ययन से निकाला गया है, इसलिए यह अंतिम निष्कर्ष नहीं बल्कि आगे की जाँच का संकेत है।
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